

नेशनल (TES): डॉ भीमराव रामजी अंबेडकर जी ने भारत का संविधान लिखा था। वे स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री, वकील, राजनीतिज्ञ थे। वे निम्न जाति से संबंध रखते थे। मगर बाद में वे बौद्ध धर्म के अनुयायी हो गए थे। उन्होंने कई छोटी जाति के लोगों को बौद्ध धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया था। बता दें, अंबेडकर जी का जन्म 14 अप्रैल, 1891 में एक गरीब महार परिवार में हुआ था और आज उनकी 132वीं जयंती है। इस खास अवसर पर तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव बाबा साहेब की 125 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने जा रहे हैं।
तेलंगाना के सीएम ने कही ये बात
इस खास मौके पर तेलंगाना के सीएम का कहना है कि बाबा साहेब की प्रतिमा का स्वरूप कल्पना से बेहतर बन पाया है। उन्होंने इस खास अवसर पर मूर्तिकार पद्म भूषण राम वनजी सुतार कृष्णा को विशेष रूप से आमंत्रित किया है। वे उन्हें आज के शुभ मौके पर सम्मानित करेंगे। सीएम ने बताया कि वे आज देश को गौरव बाबा साहेब की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। उन्होंने डॉ. अंबेदकर जी के बार में कहा कि उन्होंने केवल दलित ही नहीं बल्कि आदिवासी, बहुजन व देश को लोगों को जहां भी भेदभाव का सामना करना पड़ा, वहां उनका साथ दिया। ऐसे में आज हम उनके लिए जितना भी करें इसे बहुत कम माना जाएगा।


प्रतिमा स्थापित करने लोगों को मिलेगी आगे बढ़ने की प्रेरणा
आगे सीएम ने कहा कि आज उनकी 125 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने का मतलब उनकी सर्वोच्च महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक निरंतर प्रेरणा है। इसके साथ ही डॉ. साहेब की आकांक्षाओं को साकार करने के लिेए उन्होंने राज्य सचिवालय का नाम बाबा साहेब के नाम पर रखा है। इसके साथ ही इस खास अवसर पर देश के अलग-अलग जगह से आने वाले लोगों की सुविधा का खास ध्यान रखा गया है। इस खास मौके के लिए टेंट, पीने के पानी, छाछ आदि की उचित व्यवस्था की गई है। डॉ. अंबेडकर श्रद्धांजलि देने का भी विशेष इंतेजाम किया गया है। इसके लिए हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा होगी। इसके साथ ही उनकी मूर्ति के लिए खासतौर पर गुलाब, सफेद गुलदाउदी और पान के पत्तों की माला तैयार की गई है।
इसके साथ ही उनकी विशाल प्रतिमा पर लगे पर्दे को हटाने के लिए क्रेन का इंतेजाम किया गया है। बता दें, ये कार्यक्रम आज दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक चलेगा, जिसमें शामिल होने के लिए खासतौर पर बौद्ध भिक्षु को आमंत्रित किया गया है। वहीं सार्वजनिक परिवहन के लिए 750 आरटीसी बसें बुक कर दी गई है। इस दौरान खेल-कूद,गीत-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों भी देखने को मिेलेंगे। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. बी आर अम्बेडकर के प्रपौत्र प्रकाश अम्बेडकर को आमंत्रित किया गया है।




