

नई दिल्ली (Exclusive) पाकिस्तान में स्थित करीब 100 साल पुराने (about 100 years old) श्री गुरु सिंह सभा (Shri Guru Singh Sabha) गुरुद्वारे को फिर से खोलने की तैयारी की जा रही है। यह गुरुद्वारा खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) प्रक्षेत्र में स्थित है और यहां सरकार का इसपर नियंत्रण है।
बरसों पहले गुरुद्वारे को लाइब्रेरी (library) में तब्दील कर दिया गया था। इसके बाद सिख संगठन इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। आखिरकार सिखों के विरोध के आगे यहां सरकार को झुकना पड़ा है। अब इस गुरुद्वारे को पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों से जुड़ी एक शीर्ष संस्था को जीर्णोद्धार के लिए दिया गया है।
खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने विचार-विमर्श के बाद मानशेरा जिले में स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के जीर्णोद्धार को मंजूरी दे दी है। Evacuee Trust Property Board (ETPB) ने खैबर पख्तूनख्वा सरकार से इस गुरुद्वारे की मरम्मती के लिए इजाजत मांगी थी। यहां बता दें कि यह बोर्ड यहां के धार्मिक प्रॉपर्टी और हिंदू तथा सिखों के श्राइन के देखरेख का काम करती है। इस बोर्ड के अध्यक्ष आमेर अहमद ने कहा कि यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा अपनी भव्यता के लिए काफी मशहूर है।
गुरुद्वार की मरम्मती के बाद इसे कुछ महीनों बाद सिखों के लिए खोल दिया जाएगा। यहां प्रार्थना की जा सकेगी। आमेर अहमद ने कहा कि इस गुरुद्वारे के खुल जाने के बाद पर्यटक श्रद्धालुओं का यहां आना-जाना भी हो सकेगा। करीब 20 साल पहले खैबर पख्तूनख्वा प्रक्षेत्र की सरकार ने इस गुरुद्वारे को लाइब्रेरी में तब्दील कर दिया था।
बंटवारे के बाद से ही यह गुरुद्वारा पूजा-पाठ के लिए बंद है। सिख संत सरदार गोपाल सिंह सैथी ने साल 1905 में इस गुरुद्वारे की नींव रखी थी। साल 1976 में इस गुरुद्वारे को पुलिस विभाग के हवाले कर दिया गया था। इसके बाद इसके परिसर में पुलिस स्टेशन बी बनाया गया था। साल 2000 में यहां एक पब्लिक लाइब्रेरी बनाई गई थी।




