Monday, March 23, 2026
HomeLatestIndia v/s USA के बीच क्या कर रहा है...

India v/s USA के बीच क्या कर रहा है China, अंदर की बात

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हाल के दिनों में व्यापारिक तनाव बढ़ा है। दोनों देशों ने कुछ उत्पादों पर शुल्क (टैरिफ) और व्यापारिक नीतियों को लेकर आपत्तियां जताई हैं। इस विवाद के बीच अब सवाल उठ रहा है कि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन किस तरह का रुख अपनाएगा।

आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024–25 में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार ₹132.21 बिलियन तक पहुंचा, जबकि भारत–चीन व्यापार ₹127.71 बिलियन रहा। यह आंकड़ा दिखाता है कि अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। ऐसे में अगर दोनों देशों के बीच खींचतान बढ़ती है तो इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और निर्यातकों पर पड़ सकता है।

चीन की भूमिका इस पूरे विवाद में अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बीजिंग इस मौके का इस्तेमाल कर सकता है। अगर अमेरिका और भारत के बीच दूरी बढ़ती है तो चीन अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश करेगा। वहीं, अमेरिका का दबाव यह सुनिश्चित करने के लिए होगा कि भारत उसके साथ खड़ा रहे और चीन पर निर्भरता कम करे।

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को इस स्थिति में संतुलित रणनीति अपनानी होगी। एक तरफ उसे अमेरिका जैसे बड़े बाजार को सुरक्षित रखना है तो दूसरी तरफ चीन के साथ भी व्यापारिक रिश्तों को पूरी तरह से खत्म करना आसान नहीं होगा। दोनों देशों पर निर्भरता कम करने के लिए भारत को यूरोप, दक्षिण–पूर्व एशिया और अफ्रीका के बाजारों की ओर देखना होगा।

यह विवाद सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामरिक दृष्टिकोण से भी अहम है। अमेरिका चाहता है कि भारत एशिया–प्रशांत क्षेत्र में चीन को चुनौती देने वाला मजबूत साझेदार बने। वहीं, भारत अपने हितों को देखते हुए किसी एक पक्ष पर पूरी तरह निर्भर होने से बचना चाहता है।

कुल मिलाकर, आने वाले महीनों में भारत–अमेरिका व्यापारिक विवाद और चीन का रुख वैश्विक अर्थव्यवस्था और कूटनीति पर गहरा असर डाल सकता है।

spot_img