

नई दिल्ली (Exclusive) केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संसद के मानसून सत्र में जंतर मंतर पर जाकर प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली पुलिस और किसान नेताओं के बीच सहमति बन गई है।
बीते तीन दिनों से इस मामले को लेकर किसान नेताओं और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के बीच बैठकों का दौर जारी था। सोमवार को सिंघु बार्डर पर हुई बैठक बेनतीजा रही थी। उसके बाद मंगलवार को फिर बैठक हुई। अब बुधवार को हुई बैठक में ये तय किया गया है कि 200 किसान बस से जंतर मंतर तक जाएंगे।
पुलिस की गाड़ी उनके आगे चलेगी। वहां पर वो सुबह 11 बजे से शाम के 5 बजे तक अपनी किसान पार्लियामेंट लगाएंगे उसके बाद वापस जाएंगे। किसानों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर और आसपास के इलाके में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि सिंघु बार्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यहां पर 2500 दिल्ली पुलिस और 3000 पैरामिलिट्री के जवान तैनात कर दिए गए हैं। इसके अलावा यहां पर दंगा नियंत्रण वाहन, वाटर कैनन, टीयर गैस के साथ जवान तैनात कर दिए गए हैं।
दिल्ली पुलिस के अधिकारा नहीं चाहते कि किसान किसी भी तरह से फिर 26 जनवरी जैसे हालात पैदा करें। शांति व्यवस्था को किसी भी तरह से बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली पुलिस की ओर से सभी सीमाओं पर ड्रोन के जरिए नजर रखी जाएगी जिससे कोई भी संदिग्ध दिल्ली में घुसकर गतिविधि को अंजाम न दे सके।
दिल्ली पुलिस के अधिकारी का कहना है कि चूंकि अभी कोरोना का संक्रमण पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है इस वजह से कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए किसानों को बड़ी संख्या में यहां के लिए इजाजत नहीं दी गई है।
दूसरी ओर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला मंगलवार को कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट पर जारी धरने का समर्थन करने भी पहुंचे थे। उन्होंने राकेश टिकैत से मुलाकात कर हर परिस्थिति में साथ देने का वादा भी किया। साथ ही कहा कि पूरा देश इस प्रदर्शन के साथ है। प्रदर्शन का परिणाम जो भी हो लेकिन केंद्र सरकार जल्द ही गिरने वाली है।




