

पंजाबः राज्य के लिए बारिश का मौसम आफत बना हुआ है। जहां बारिश के कारण आई बाढ़ ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया , वहीं इसके कारण राज्य की कई ऐतिहासिक इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। वहीं, बारिश के कारण बेदियां रोड पर पाक-भारत सीमा के पास पाकिस्तान के आखिरी गांव जहमान में मौजूद ऐतिहासिक गुरुद्वारा रोरी साहिब भी ढह गया।
बता दें कि यह गुरुद्वारा महाराजा रणजीत सिंह के काल में बनाया गया था। यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा बाबा नानक से जुड़ा था क्योंकि वह इस स्थान पर तीन बार आए थे। गुरुद्वारा एक समय सिख बहुल गांव जहमान में लगभग 100 बीघे (लगभग 500 कनाल) समर्पित भूमि से घिरा हुआ था। इसके सामने एक तालाब था, जो अभी भी मौजूद है। इसकी दो मंजिला संरचना थी, जो लाल नानक शाही ईंटों से बनी थी, जिसके शीर्ष पर एक बड़ा सुनहरा गुंबद था। अब केवल पिछली दीवार और बगल की दीवार का एक छोटा-सा हिस्सा ही बचा है जबकि गुंबद, मध्य भाग और सामने का हिस्सा पूरी तरह से ढह गया है।




