

चंडीगढ़ (Exclusive): राज्य में प्रस्तावित राजनीतिक नौटंकी के लिए शिरोमणि अकाली दल की आलोचना करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यात्रा का असली नाम ‘अकाली दल टू पंजाब बचा लो यात्रा’ होना चाहिए।
सीएम मान ने कहा कि 15 वर्षों तक अकालियों ने पंजाबियों के मानस को भावनात्मक रूप से आहत करने के अलावा राज्य को बेरहमी से लूटा है। इसके कारण ही राज्य की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी आज बदहाल है और सबसे लंबे समय तक राज्य पर शासन करने के बाद आज तीन सीटों पर सिमट कर रह गई है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोग अकालियों और बादल परिवार के संदिग्ध चरित्र से अच्छी तरह परिचित हैं, जिसके कारण अब उनकी नौटंकी नहीं चलेगी। उनके लंबे कुशासन के दौरान पंजाब हर क्षेत्र में पिछड़ गया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अकालियों को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी और गैंगस्टरों तथा ड्रग माफिया को संरक्षण देने जैसे पापों से मुक्त नहीं किया जा सकता।
सीएम मान ने कहा कि लोग यह कभी नहीं भूलेंगे कि जब पूरा पंजाब कठोर कृषि कानूनों के खिलाफ खड़ा था, उस समय अकाली अपने निहित राजनीतिक हितों के लिए बेशर्मी से भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के साथ खड़े थे। आम तौर पर अकाली दल और बादल परिवार के पंजाब विरोधी रुख की सूची बहुत लंबी है, इसलिए समय की जरूरत है कि उन्हें राजनीतिक गुमनामी में भेजा जाए।
उन्होंने अकालियों को चुनौती दी कि वे सत्ता में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान अपनी सरकार की एक भी उपलब्धि गिनाएं। अकाली दल के दो सांसदों सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल ने भी कभी भी लोकसभा में राज्य या इसके लोगों के हितों से संबंधित कोई मुद्दा उठाने की जहमत नहीं उठाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित यात्रा लोगों को गुमराह करने और मीडिया के सामने अपना पक्ष रखने की कवायद से ज्यादा कुछ नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि राज्य के लोग अकालियों के पंजाब विरोधी और जनविरोधी चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के लोग पंजाब के खिलाफ अकालियों के भयानक कदमों को कभी नहीं भूलेंगे और माफ नहीं करेंगे।




