

नई दिल्ली (Exclusive): लोकसभा में विपक्षी इंडिया गुट की ताकत मंगलवार को और कम हो गई। दरअसल, 49 सांसदों को अनियंत्रित व्यवहार और अध्यक्ष के निर्देशों की अवहेलना के लिए निलंबित कर दिया गया।
यह निर्णय एक दिन पहले संसद के दोनों सदनों से अभूतपूर्व रूप से 78 सांसदों के निलंबन के बाद हुआ है। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के शशि थरूर, मनीष तिवारी और कार्ति चिदंबरम, एनसीपी की सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव, एनसीपी के फारूक अब्दुल्ला, डीएमके के एस सेंथिलकुमार, आम आदमी पार्टी के सुशील कुमार रिंकू और तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंधोपाध्याय शामिल हैं। सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा लाया गया था।
इस मामले पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने निचले सदन में कहा, ”सदन के अंदर तख्तियां नहीं लाने का निर्णय लिया गया। हालिया चुनाव हारने के बाद हताशा के कारण वे ऐसे कदम उठा रहे हैं। यही कारण है कि हम प्रस्ताव ला रहे हैं ।”
बता दें कि इसके साथ संसद से निलंबित सांसदों की कुल संख्या 141 हो गई है। सोमवार को 46 विपक्षी सांसदों को लोकसभा से और 45 सांसदों को राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया।
गौरतलब है कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को पत्र लिखा और उनसे संसदीय प्रक्रियाओं के हित में सांसदों के निलंबन के मामले को संबोधित करने को कहा। पवार ने कहा कि कुछ सांसद जो सदन के वेल में मौजूद नहीं थे या व्यवधान पैदा करने में शामिल थे, उन्हें निलंबित कर दिया गया।




