

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बाद से देशभर में बीमारियों के लिए डर का माहौल है। लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं। वहीं, विशेषज्ञ एक नजर एक और बीमारी पर है, जो 14 साल पहले कहर मचा चुकी है। हम बात कर रहे हैं फंगल इंफेक्शन से होने वाली कैंडिडा ऑरिस बीमारीकी। इसे फैलने से रोकने के लिए हेल्थ अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।
दरअसल, अमेरिका के नेवादा और कैलिफॉर्निया में पिछले साल इसके कई मरीज देखने को मिले थे वहीं अब न्यूयार्क में इसके कई मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यह बीमारी फैल रही है। 14 साल यह बीमारी तीन महद्वीपों पर एक साथ फैल गई थी। ऐसे में इस बीमारी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कैंडिडा ऑरिस पर कई सालों से रिसर्च किया जा रहा है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन (एनसीडीसी) के मुताबिक, 2021 तक देश में सबसे ज्यादा रोगी न्यूयॉर्क में ही पाये गए, जबकि अन्य इलाकों में भी संक्रमण फैल रहा था।
30 से 60 फीसदी मरीजों की हो जाती है मौत
कैंडिडा ऑरिस एक ऐसी खतरनाक बीमारी है, जिसके कारण 30 ये 60 फीसदी मरीजों की मौत हो सकती है। इस बीमारी के कारण ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है और सांस लेने में भी दिक्कत होती है। इसके अलावा इससे घाव भी इंफेक्टिड हो सकते हैं, जिसके कारण व्यक्ति की मौत तक हो सकती है। पहले से ही किसी बीमारी से ग्रस्त लोगों को कैंडिडा ऑरिस होने का अधिक खतरा है।




