Thursday, May 28, 2026
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मणिपुर हिंसा: 4 की मौत, एक का काटा गला काटा, अब कुकी व मैतेई समूहों ने किया यह ऐलान

मणिपुर: मणिपुर में जारी हिंसा के बीच विद्रोही समूहों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 से नाकाबंदी हटाने का ऐलान किया है। बता दें कि मणिपुर के कांगपोकपी जिले में पिछले 2 महीने से नाकाबंदी है, जोकि अब हट जाएगी। हालांकि 2 जुलाई की सुबह एक व्यक्ति की निर्मम हत्या के बाद हालात और खराब हो गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर सरकार को राज्य में सांप्रदायिक हिंसा पर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी। सुनवाई के दौरान केंद्र और मणिपुर सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि राज्य की स्थिति में ‘धीरे-धीरे ही सही’ सुधार हो रहा है। यह सुनवाई यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (यूपीएफ) और कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ), दो प्रमुख कुकी संगठनों द्वारा मणिपुर के कांगपोकपी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर बैरिकेड्स हटाने के एक दिन बाद हुई है।

बता दें कि कुकी नागरिक समाज समूह कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (COTU) ने दो महीने पहले NH-2 पर सड़क जाम करने की घोषणा की थी। उन्होंने फिलहाल आधिकारिक तौर पर आंदोलन वापिस नहीं लिया है। 3 मई को मणिपुर में हिंसा भड़कने के बाद कुकी संगठनों ने एनएच-2 को बंद कर दिया था लेकिन मई के अंत में अमित शाह की रैली के बाद इसे अस्थायी रूप से फिर से खोल दिया गया था। हालांकि अमित शाह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

इधर, 2 जुलाई को जारी बयान में दोनों समूह UPF और KNO ने नाकाबंदी हटाने पर सहमति जताई थी। दोनों संगठन 2008 में हुए ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन’ समझौते पर सरकार के साथ हैं लेकिन मणिपुर सरकार मार्च में इससे बाहर आ गई थी। गौरतलब है कि मणिपुर में मेटेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। मणिपुर की लगभग 53% आबादी मेटिस है और अधिकांश इम्फाल घाटी में रहती है। आदिवासी – नागा और कुकी – आबादी का 40% हिस्सा हैं, जोकि पहाड़ी जिलों में रहते हैं।

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