

जालंधर (TES): पंजाब में वारिस पंजाब के प्रमुख अमृतपाल सिंह पिछले 36 घंटे से फरार है तथा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पंजाब में इंटरनेट बंद है और लोग उत्सुक्ता के साथ अमृतपाल के गिरफ्तार होने का इंतजार कर रहे हैं।
इस बीच लोगों में बड़ा सवाल चल रहा है कि आखिर अमृतपाल को पकड़ने के लिए मिशन अमृतपाल कैसे चला और एकाएक कैसे पुलिस एक्शन में आ गई। इसके पीछे एक इन साईड स्टोरी है जो दि एक्सक्लूसिव स्टोरी आपको बता रहा है।
विवाद
अमृतपाल लगातार सब पर हावी होता जा रहा था। कभी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी दे रहा था तो कभी कह रहा था कि इंदिरा गांधी ने सिखों को दबाया तो उसका हश्र क्या हुआ?। अमित शाह भी दबाकर देख लें। दूसरे बयान में अमृतपाल ने कहा था कि वह खुद को भारतीय नागरिक नहीं मानता। उसके पास इंडियन पासपोर्ट जरूर है लेकिन यह सिर्फ ट्रैवल डॉक्यूमेंट है। इसके अलावा सीएम भगवंत मान को लेकर भी अमृतपाल काफी कुछ कह चुका था।
प्लानिंग
पंजाब पुलिस ने 20 दिन पहले फैसला लिया कि अमृतपाल पर एक्शन लेंगे। जिसमें सबसे बड़ी चुनौती उसके हथियारबंद समर्थक थे। पंजाब पुलिस ने इंटेलिजेंस की एक टीम बनाई। जिसके बाद अमृतपाल के साथियों को ट्रेस किया गया। अमृतपाल के काफिले में साथ रहने वाले हथियारबंद लोगों की पूरी रिपोर्ट तैयार की गई।
तैयारी
इसके आधार पर पंजाब पुलिस ने अपनी डबल तैयारी की। जिसमें हिंसा से निपटने के लिए वाटर कैनन, टियर गैस, एंटी रॉयट फोर्स और पंजाब आर्म्ड पुलिस को तैयार किया गया। हिंसा रोकने के लिए पुलिस को सेंट्रल फोर्स की भी जरूरत थी। यही वजह है कि पंजाब पुलिस ने पहले ही दिन अमृतपाल के साथ सभी हथियारबंद लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
मीटिंग्स
दिल्ली से सेंट्रल फोर्स मिलने के बाद पंजाब पुलिस के टॉप ऑफिशियल्स ने ऑपरेशन AP को अंजाम देने पर मंथन शुरू किया। इसमें चीफ सेक्रेटरी, होम सेक्रेटरी, लॉ एंड ऑर्डर, इंटेलिजेंस चीफ, काउंटर इंटेलिजेंस के ADGP ने जॉइंट मीटिंग की। इनके बीच करीब 8 मीटिंग्स हुई। जिसके बाद ऑपरेशन को अंतिम रूप देकर 18 मार्च को अंजाम दे दिया गया।
18 मार्च ही क्यों…
ऑपरेशन अमृतपाल को अंजाम देने के लिए पंजाब पुलिस ने 18 मार्च का ही दिन क्यों चुना, इसकी 2 बड़ी वजहें हैं। एक बड़ी वजह थी अमृतपाल का खालसा वहीर। 19 मार्च से यह फिर शुरू करना था। पुलिस के लिए 19 मार्च से अमृतपाल पर कार्रवाई करने की यह बड़ी वजह थी।
और दूसरी वजह रही पंजाब में G20 की बैठक। 17 मार्च को इसकी आखिरी बैठक होनी थी। 17 मार्च को जैसे ही यह बैठक खत्म हुई तो पंजाब पुलिस ने अगले दिन एक्शन ले लिया। चूंकि अमृतसर ही अमृतपाल सिंह का मुख्य बेस है, इसलिए कार्रवाई के लिए 17 मार्च तक रुकने की यह बड़ी वजह बनी।



