

चंडीगढ़ (TES): Punjab Assembly Session: पंजाब विधानसभा में सीएम भगवंत मान विश्वास प्रस्ताव पर आज बहस हुई। इसके बाद सीएम ने इस चर्चा का जवाब दिया। बाद में प्रस्ताव ध्वनिमत से पास गया। प्रस्ताव के समर्थन में 93 विधायक रहे। अकाली दल तथा बसपा के दो वोट भी सरकार के पक्ष में ही पड़े। जिसके कारण संख्या 93 हो गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपक टीनू में मामले में एएसआइ को बर्खास्त करके 7 दिन का रिमांड ले लिया गया है। दीपक का आउटलुक नोटिस जारी किया जा चुका है। जल्द ही उसे पकड़ा जाएगा।
सीएम ने गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने की भी घोषणा की। गन्ने के समर्थन मूल्य में 20 रु क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है। इससे सरकार पर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का बोझ पड़ेगा।
इससे पूर्व बहस का जवाब देते हुए सीएम भगवंत मान ने कहा कि भाजपा व कांग्रेस एक हैं। भाजपा आपरेशन लोटस चलाकर चुने हुए प्रतिनिधियों को खरीदकर सरकारें बना रही है। भाजपा ने कांग्रेस के विधायक खरीदे, लेकिन कांग्रेस चुप है। कांग्रेस ने चर्चा में हिस्सा तक नहीं लिया।
विधानसभा में पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 2 बड़े ऐलान किए है वहीं उन्होंने इस दौरान कांग्रेस पर तंज कसा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई प्रधान बनने के लिए तैयार नहीं था और न ही कोई मंत्री बनने के लिए तैयार बस इन्हें प्रधानमंत्री बनना है। अगर इन्होंने जनता के लिए कुछ करना है तो मंत्री बनकर भी कर सकते हैं। कुछ लोग पैसे कर देकर वोट खरीदते हैं। देश में लोकतंत्र खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होने कहा कि यह विश्वास प्रस्ताव इसलिए लाया गया क्योंकि लोगों ने पार्टी पर अपना विश्वास दिखाया है। हमारी पार्टी को जीत दिलाकर लोगों ने हमारे ऊपर अपना विश्वास दिखाया है। आप सरकार पंजाबियों के विश्वास को नहीं तोड़ेंगे। सी.एम. मान गनम्ने उन्होंने गन्ने को एफ.आर.पी. 360 रुपए क्विंटल है उसे 380 कर रहे हैं। गन्ने की खरीद पर 20 रुपए बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 1 अक्तूबर से धान मंडियों में आ गया और इसी दिन खरीद शुरू हुई। खुशी की बात यह है कि 1 अक्तूबर को एक किसान की वीडियो आई इक आज थी आज ही फसल लेकर आए 2-3 घंटों में 2 लाख 13 हजार खातों में आ गए। पहले किसानों को पैसों के लिए काफी इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि अलीबाबा अपने 40 नहीं 20-25 साथी साथ लेकर बीजेपी में शामिल हुए हैं, भाजपा ने इन 20-25 में से 6-7 विधायक वापस मोड़ दिए।




